संक्षेप में
- मुहावरा: ऐसा वाक्यांश जो अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ देता है। यह अधूरा होता है और वाक्य के बीच प्रयोग होता है। जैसे — "नौ-दो ग्यारह होना" = भाग जाना।
- कहावत / लोकोक्ति: लोगों के अनुभव से बना पूरा कथन, जो अपने आप में पूरा वाक्य होता है। जैसे — "जैसी करनी वैसी भरनी"।
Marathi help: मुहावरा = वाक्प्रचार, कहावत/लोकोक्ति = म्हण. English help: muhavara = idiom, kahavat = proverb.
प्रमुख मुहावरे (अर्थ और वाक्य-प्रयोग)
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| आँखों का तारा | बहुत प्यारा | इकलौता बेटा अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
| ईद का चाँद होना | बहुत दिनों बाद दिखना | नौकरी लगने के बाद तुम तो ईद का चाँद हो गए हो। |
| कमर कसना | पूरी तरह तैयार होना | परीक्षा के लिए छात्रों ने कमर कस ली है। |
| दाँतों तले उँगली दबाना | आश्चर्यचकित होना | छोटे बच्चे का गणित देखकर सब दाँतों तले उँगली दबाने लगे। |
| नौ-दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गया। |
| पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना | झूठ पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
| हाथ-पाँव फूलना | घबरा जाना | मंच पर पहुँचते ही उसके हाथ-पाँव फूल गए। |
| आग-बबूला होना | बहुत क्रोधित होना | टूटा गमला देखकर दादाजी आग-बबूला हो गए। |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना | पहाड़ पर सड़क बनाना लोहे के चने चबाने जैसा था। |
| खून-पसीना एक करना | बहुत मेहनत करना | किसान ने खून-पसीना एक करके फसल उगाई। |
| टस से मस न होना | अपनी बात पर अड़े रहना | बहुत समझाने पर भी वह टस से मस न हुआ। |
| हवाई किले बनाना | कल्पना में बड़ी योजनाएँ बनाना | मेहनत करो, केवल हवाई किले बनाने से कुछ नहीं होगा। |
| घी के दीये जलाना | बहुत खुशियाँ मनाना | बेटी के पास होने पर घर में घी के दीये जले। |
| पीठ दिखाना | हारकर भाग जाना | वीर सैनिक युद्ध में कभी पीठ नहीं दिखाते। |
प्रमुख कहावतें
| कहावत | अर्थ |
|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाय | कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है |
| अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत | समय निकल जाने पर पछताना बेकार है |
| नाच न जाने आँगन टेढ़ा | काम न आने पर बहाने बनाना |
| जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा कर्म, वैसा फल |
| दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीज़ें अच्छी लगती हैं |
| एक अनार सौ बीमार | चीज़ एक, चाहने वाले बहुत |
| ऊँची दुकान फीका पकवान | दिखावा ज़्यादा, गुण कम |
| थोथा चना बाजे घना | गुणहीन व्यक्ति अधिक बोलता है |
| घर का भेदी लंका ढाए | आपसी भेद खोलने वाला बड़ा नुकसान करता है |
| ऊँट के मुँह में जीरा | ज़रूरत के मुक़ाबले बहुत कम |
मराठी म्हणींशी तुलना: नाच न जाने आँगन टेढ़ा ≈ "नाचता येईना अंगण वाकडे"; जैसी करनी वैसी भरनी ≈ "करावे तसे भरावे"; दूर के ढोल सुहावने ≈ "दुरून डोंगर साजरे"; अधजल गगरी छलकत जाय ≈ "उथळ पाण्याला खळखळाट फार".
अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित)
Q1. 'नौ-दो ग्यारह होना' का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: अर्थ — भाग जाना। वाक्य — बिल्ली को देखते ही चूहा नौ-दो ग्यारह हो गया।
Q2. 'बहुत लज्जित होना' के लिए उपयुक्त मुहावरा लिखिए।
उत्तर: पानी-पानी होना।
Q3. 'अधजल गगरी छलकत जाय' का अर्थ लिखिए।
उत्तर: कम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है।
Q4. मुहावरे और कहावत में मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर: मुहावरा अधूरा वाक्यांश है जो वाक्य के बीच प्रयोग होता है; कहावत अपने आप में पूरा वाक्य होती है।
Q5. 'कमर कसना' का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
उत्तर: खेल प्रतियोगिता जीतने के लिए हमारी टीम ने कमर कस ली है। (अर्थ — तैयार होना)
परीक्षा टिप
मुहावरे का वाक्य बनाते समय उसका रूप काल और लिंग के अनुसार बदलें (हो गया / हो गई / हो गए), पर शब्दों का क्रम न बदलें।