पाठ्यक्रम (RTMNU Syllabus)
- उपन्यास - गोदान - प्रेमचंद
1. प्रेमचंद: लेखक परिचय
प्रेमचंद (1880–1936) हिंदी और उर्दू के महान कथाकार हैं। उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है।
- मूल नाम: धनपत राय श्रीवास्तव। उर्दू में उन्होंने आरंभ में 'नवाब राय' नाम से लिखा।
- जन्म: 31 जुलाई 1880, लमही गाँव (वाराणसी के पास)।
- मृत्यु: 8 अक्टूबर 1936।
- प्रमुख उपन्यास: सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, गबन, कर्मभूमि, गोदान। 'मंगलसूत्र' अधूरा रह गया।
- कहानी संग्रह: कहानियाँ 'मानसरोवर' (आठ भाग) में संकलित हैं। उनका आरंभिक उर्दू संग्रह 'सोज़े वतन' अंग्रेज़ सरकार ने ज़ब्त कर लिया था।
- साहित्यिक विकास: आरंभ में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद, अंत में 'गोदान' में कठोर यथार्थवाद (Realism)।
2. गोदान: सामान्य परिचय
- प्रकाशन: 1936; यह प्रेमचंद का अंतिम पूर्ण उपन्यास है।
- विषय: भारतीय किसान का शोषण, ऋण, गरीबी और ग्रामीण-शहरी जीवन का द्वंद्व।
- महत्व: इसे 'भारतीय किसान जीवन का महाकाव्य' कहा जाता है।
- पृष्ठभूमि: अवध क्षेत्र का गाँव बेलारी और शहर लखनऊ।
3. गोदान का कथासार (अपने शब्दों में)
(क) ग्रामीण कथा
- होरी महतो एक गरीब किसान है। उसका परिवार है: पत्नी धनिया, बेटा गोबर, बेटियाँ सोना और रूपा। उसकी सबसे बड़ी इच्छा घर में एक गाय रखने की है।
- होरी ग्वाले भोला से उधार पर गाय लाता है। ईर्ष्या के कारण उसका भाई हीरा गाय को ज़हर दे देता है और गाँव छोड़कर भाग जाता है।
- गोबर, भोला की विधवा बेटी झुनिया से प्रेम करता है। झुनिया गर्भवती हो जाती है। गोबर डरकर लखनऊ भाग जाता है। होरी और धनिया झुनिया को घर में शरण देते हैं।
- इस पर गाँव की पंचायत होरी पर भारी दंड लगाती है। इससे होरी कर्ज़ में और डूब जाता है।
- दातादीन, झिंगुरी सिंह, मंगरू साह, दुलारी सहुआइन और पटेश्वरी जैसे महाजन और गाँव के प्रभावशाली लोग उसका शोषण करते हैं। धीरे-धीरे होरी किसान से मज़दूर बन जाता है।
- कर्ज़ के दबाव में होरी, रूपा का विवाह अधेड़ उम्र के रामसेवक से कर देता है। बदले में उसे रुपये मिलते हैं, जिसे वह मन ही मन बेटी बेचना मानता है।
- अंत में मज़दूरी करते समय लू लगने से होरी की मृत्यु हो जाती है। गाय की उसकी इच्छा अधूरी रह जाती है। धनिया सुतली बेचकर कमाए थोड़े-से पैसे (बीस आने) दातादीन को 'गोदान' के रूप में दे देती है।
(ख) नगरीय कथा
- इसके प्रमुख पात्र हैं: जमींदार राय साहब अमरपाल सिंह, दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर मेहता, डॉक्टर मालती, मिल-मालिक खन्ना और उनकी पत्नी गोविंदी, तथा संपादक ओंकारनाथ।
- इस कथा में शहरी शिक्षित वर्ग का दिखावा, स्वार्थ और पूँजीवाद चित्रित है। साथ ही मेहता और मालती के संबंधों का क्रमशः विकास दिखाया गया है।
- लखनऊ में गोबर का अनुभव गाँव और शहर को जोड़ने वाली कड़ी है।
4. गोदान के कथानक की विशेषताएँ
- दोहरा कथानक: ग्रामीण और नगरीय दो कथाएँ साथ-साथ चलती हैं। आलोचकों ने इन्हें 'दो धाराएँ' कहा है।
- यथार्थवाद: कोई आदर्शवादी समाधान नहीं है। नायक की दुखद मृत्यु होती है।
- शोषण का चित्रण: जमींदार, महाजन, पुरोहित, पंचायत और पुलिस, सभी किसान का शोषण करते हैं।
- तत्कालीन समाज: जाति-व्यवस्था (मातादीन–सिलिया प्रसंग), नारी समस्या और धार्मिक पाखंड का चित्रण।
- संक्रमण काल: इसमें कृषि-आधारित समाज के पूँजीवादी समाज में बदलने की झलक मिलती है।
| आधार | ग्रामीण कथा | नगरीय कथा |
|---|---|---|
| केंद्र | होरी का परिवार | राय साहब, मेहता, मालती, खन्ना |
| समस्या | ऋण, गरीबी, शोषण | दिखावा, स्वार्थ, पूँजीवाद |
| स्वर | करुण, यथार्थपरक | व्यंग्यात्मक, बौद्धिक |
5. उद्देश्य एवं प्रमुख समस्याएँ
- कृषक समस्या: किसान का मज़दूर बनना, यानी किसान वर्ग का पतन।
- ऋण समस्या: महाजनी सभ्यता का दुष्चक्र, जिससे किसान कभी बाहर नहीं निकल पाता।
- धार्मिक रूढ़ियाँ: मर्यादा और परलोक के भय से होरी शोषण सहता रहता है।
- नारी समस्या: धनिया, झुनिया, सिलिया, गोविंदी और मालती के माध्यम से।
- नई पीढ़ी का विद्रोह: गोबर और धनिया में अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध दिखता है।
6. शीर्षक की सार्थकता
हिंदू परंपरा में मृत्यु के समय गाय का दान 'गोदान' कहलाता है। होरी जीवन-भर गाय पाने का सपना देखता है, पर उसे गाय नहीं मिलती। मृत्यु के समय भी असली गोदान संभव नहीं होता। धनिया के बीस आने उस व्यंग्य को प्रकट करते हैं, जिसमें धर्म भी गरीब का शोषण करता है। इस प्रकार शीर्षक प्रतीकात्मक, करुण और व्यंग्यपूर्ण है, और पूरी तरह सार्थक है।
संभावित परीक्षा प्रश्न
- (दीर्घोत्तरी प्रश्न) 'गोदान' के कथानक का सार अपने शब्दों में लिखते हुए उसकी प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
- (दीर्घोत्तरी प्रश्न) 'गोदान' भारतीय किसान जीवन का महाकाव्य है। इस कथन की समीक्षा कीजिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) 'गोदान' उपन्यास के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) 'गोदान' की ग्रामीण और नगरीय कथा के संबंध पर टिप्पणी लिखिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) प्रेमचंद का साहित्यिक परिचय दीजिए।