पाठ्यक्रम (RTMNU Syllabus)
- टिप्पण, प्रारूपण, संक्षेपण, पत्र लेखन
कार्यालयीन हिन्दी के प्रमुख प्रकार्य – परिचय
सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी कार्यालयों में कामकाज के लिए प्रयुक्त हिन्दी को कार्यालयीन हिन्दी या प्रशासनिक हिन्दी कहते हैं। संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी संघ की राजभाषा है। संविधान सभा ने यह निर्णय 14 सितंबर 1949 को लिया, इसलिए 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। कार्यालयीन हिन्दी की भाषा औपचारिक, स्पष्ट, संक्षिप्त और निर्वैयक्तिक होती है। इसके चार प्रमुख प्रकार्य हैं – टिप्पण, प्रारूपण, संक्षेपण और पत्र लेखन।
टिप्पण
कार्यालय में किसी पत्र या मामले (फ़ाइल) पर निर्णय लेने में सहायता के लिए जो विचार, सुझाव या टिप्पणी लिखी जाती है, उसे टिप्पण (Noting) कहते हैं। सहायक या लिपिक मामले के तथ्य, नियम और पिछले उदाहरण लिखकर अधिकारी के सामने रखता है और अधिकारी आदेश देता है।
टिप्पण की विशेषताएँ
- संक्षिप्त, स्पष्ट और तथ्यपूर्ण हो।
- अन्य पुरुष (तृतीय पुरुष) और कर्मवाच्य में लिखा जाए, जैसे – "स्वीकृति दी जा सकती है।"
- संबंधित नियम, आदेश और पूर्व उदाहरणों का उल्लेख।
- अंत में बाईं ओर हस्ताक्षर, नाम, पदनाम और दिनांक।
- व्यक्तिगत भावना, कठोर या अशिष्ट भाषा नहीं।
टिप्पण के प्रकार
सामान्य टिप्पण, सूक्ष्म टिप्पण (छोटी टिप्पणियाँ जैसे 'देख लिया', 'अनुमोदित'), नेमी (रोज़मर्रा का) टिप्पण, अनौपचारिक टिप्पण और विस्तृत टिप्पण।
टिप्पण का एक छोटा उदाहरण
विषय: श्री रमेश कुमार, लिपिक, का पाँच दिन के अर्जित अवकाश का आवेदन।
श्री रमेश कुमार ने पारिवारिक कारण से दिनांक ... से पाँच दिन के अर्जित अवकाश के लिए आवेदन किया है। उनके खाते में पर्याप्त अवकाश शेष है। इस अवधि में उनका कार्य दूसरे लिपिक को सौंपा जा सकता है। अतः अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।
अनुमोदनार्थ प्रस्तुत।
प्रारूपण
किसी पत्र, आदेश, परिपत्र या अधिसूचना का पहला कच्चा रूप तैयार करना प्रारूपण (Drafting) कहलाता है। अधिकारी के आदेश या टिप्पण के आधार पर सहायक मसौदा बनाता है। अधिकारी उसमें सुधार करके अनुमोदित करता है, फिर साफ़ प्रति (फ़ेयर कॉपी) भेजी जाती है।
अच्छे प्रारूप के गुण
- शुद्धता – तथ्य, अंक, तिथि और नाम सही हों।
- स्पष्टता और संक्षिप्तता – एक बात एक बार।
- पूर्णता – संदर्भ संख्या, विषय, संबोधन, मुख्य भाग, समापन, हस्ताक्षर।
- शिष्टता और औपचारिक भाषा।
- सही प्रारूप (फ़ॉर्मेट) का पालन।
संक्षेपण
किसी लंबे लेख, पत्र, रिपोर्ट या पत्राचार के मुख्य भाव को कम शब्दों में, मूल अर्थ बदले बिना प्रस्तुत करना संक्षेपण (Précis) कहलाता है। सामान्यतः संक्षेपण मूल का लगभग एक-तिहाई होता है। व्यस्त अधिकारी पूरा पत्राचार न पढ़कर संक्षेपण से विषय समझ लेते हैं।
संक्षेपण की प्रक्रिया
- मूल अंश को ध्यान से दो-तीन बार पढ़ना।
- मुख्य विचार और आवश्यक तथ्य रेखांकित करना।
- उदाहरण, दोहराव, अलंकार और अनावश्यक विशेषण हटाना।
- अपने शब्दों में, अन्य पुरुष में, क्रमबद्ध लिखना।
- उपयुक्त शीर्षक देना और शब्द-संख्या जाँचना।
पत्र लेखन
कार्यालयों में सूचना, आदेश और अनुरोध भेजने का मुख्य साधन पत्र है। इसे कार्यालयीन या सरकारी पत्राचार कहते हैं।
सरकारी पत्र के प्रमुख प्रकार
| प्रकार | उपयोग |
|---|---|
| सरकारी पत्र | एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय, राज्य सरकार या संस्था को औपचारिक पत्र |
| अर्ध-सरकारी पत्र | अधिकारी द्वारा दूसरे अधिकारी को व्यक्तिगत ध्यान दिलाने हेतु, संबोधन "प्रिय श्री ..." |
| कार्यालय ज्ञापन | मंत्रालयों/विभागों के बीच सूचना, अन्य पुरुष में |
| परिपत्र | एक ही सूचना अनेक कार्यालयों/कर्मचारियों को |
| अधिसूचना | नियम, नियुक्ति आदि की सूचना, राजपत्र में प्रकाशित |
| कार्यालय आदेश | कार्यालय के आंतरिक प्रशासन संबंधी आदेश |
| अनुस्मारक | पहले भेजे गए पत्र की याद दिलाने हेतु |
सरकारी पत्र के अंग
- पत्र संख्या और कार्यालय का नाम-पता
- दिनांक
- प्रेषक और प्रेषिती
- विषय और संदर्भ
- संबोधन – "महोदय"
- मुख्य भाग – "मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि ..."
- स्वनिर्देश – "भवदीय", फिर हस्ताक्षर और पदनाम
- पृष्ठांकन और संलग्नक (यदि हों)
संभावित परीक्षा प्रश्न
- (दीर्घोत्तरी प्रश्न) कार्यालयीन हिन्दी से आप क्या समझते हैं? टिप्पण और प्रारूपण का स्वरूप तथा विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
- (दीर्घोत्तरी प्रश्न) सरकारी पत्राचार के विविध प्रकारों का परिचय देते हुए सरकारी पत्र के अंगों पर प्रकाश डालिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) संक्षेपण की प्रक्रिया लिखिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) अर्ध-सरकारी पत्र पर टिप्पणी लिखिए।
- (लघूत्तरी प्रश्न) टिप्पण और प्रारूपण में अंतर स्पष्ट कीजिए।