संक्षेप में
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे — सचिन, पुस्तक, नागपुर, गाय, खुशी।
Marathi help: मराठीत याला 'नाम' म्हणतात. English help: Sangya = Noun.
संज्ञा के भेद
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यक्तिवाचक | किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम | महात्मा गांधी, गोदावरी, पुणे, रामायण |
| जातिवाचक | पूरी जाति / वर्ग का बोध | लड़का, नदी, शहर, पेड़, किताब |
| भाववाचक | गुण, दशा, भाव या कार्य का नाम (जिसे छू नहीं सकते) | मिठास, बचपन, प्रेम, थकान, ईमानदारी |
| द्रव्यवाचक | ऐसा पदार्थ जो नापा-तौला जाता है, गिना नहीं जाता | दूध, पानी, सोना, तेल, गेहूँ |
| समूहवाचक | समूह का बोध | सेना, कक्षा, भीड़, परिवार, झुंड |
- कुछ पुस्तकें केवल तीन मुख्य भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक) मानती हैं और द्रव्यवाचक व समूहवाचक को जातिवाचक के अंदर रखती हैं।
- पहचान: "गोदावरी" एक ही नदी है → व्यक्तिवाचक; "नदी" सभी नदियों के लिए → जातिवाचक।
भाववाचक संज्ञा बनाना
| किससे | मूल शब्द → भाववाचक संज्ञा |
|---|---|
| जातिवाचक संज्ञा से | मित्र → मित्रता, बच्चा → बचपन, मनुष्य → मनुष्यता, दास → दासता |
| सर्वनाम से | अपना → अपनापन, मम → ममता, निज → निजता |
| विशेषण से | मीठा → मिठास, सुंदर → सुंदरता, बूढ़ा → बुढ़ापा, अच्छा → अच्छाई |
| क्रिया से | हँसना → हँसी, पढ़ना → पढ़ाई, लिखना → लिखावट, थकना → थकान |
| अव्यय से | दूर → दूरी, निकट → निकटता, शीघ्र → शीघ्रता |
वाक्य में पहचान
- "ईमानदारी सबसे बड़ा गुण है।" — ईमानदारी (भाववाचक)
- "भीड़ में बच्चा खो गया।" — भीड़ (समूहवाचक)
- "अजंता की गुफाएँ प्रसिद्ध हैं।" — अजंता (व्यक्तिवाचक), गुफाएँ (जातिवाचक)
ध्यान दें: कभी-कभी व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक की तरह प्रयोग होती है — "आज भी देश को कई भगतसिंहों की ज़रूरत है।" यहाँ अर्थ है 'भगतसिंह जैसे वीर लोग'।
अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित)
Q1. 'सह्याद्रि पर्वत बहुत सुंदर है' — संज्ञा पहचानकर भेद लिखिए।
उत्तर: सह्याद्रि — व्यक्तिवाचक; पर्वत — जातिवाचक।
Q2. 'बूढ़ा' से भाववाचक संज्ञा बनाइए।
उत्तर: बुढ़ापा।
Q3. 'सेना' किस प्रकार की संज्ञा है?
उत्तर: समूहवाचक संज्ञा।
Q4. 'लिखना' क्रिया से भाववाचक संज्ञा बनाइए।
उत्तर: लिखावट (या लिखाई)।
Q5. 'माँ ने दूध गरम किया' — द्रव्यवाचक संज्ञा कौन-सी है?
उत्तर: दूध।
परीक्षा टिप
जो चीज़ छूई या देखी नहीं जा सकती, केवल महसूस होती है (दुख, साहस, गरमी, बचपन) — वह भाववाचक संज्ञा है।